राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 259 वैश्विक कूटनीति का 'उत्तरायण': मदर ऑफ ऑल डील अठारह वर्षों की कूटनीतिक जड़ता को तोड़ते हुए भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौता केवल आर्थिक करार नहीं, बल्कि बहुध्रुवीय विश्व-व्यवस्था की ओर बढ़ता एक निर्ण... राकेश नरवाल 02 Feb 2026
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 307 वर्चस्व का नया रणनीतिक गलियारा यूरेशिया में खामोशी से एक बड़ी क्रांति आकार ले रही है। आईएनएसटीसी (INSTC) का पूर्वी गलियारा अब नक्शे पर खिंची महज एक लकीर भर नहीं है—यह मध्य एशिया, रे... एजाज वानी 01 Dec 2025
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 293 SIR: प. बंगाल से ‘रिवर्स एक्सोडस’ जब भारत–बांग्लादेश सीमा पर सालों से अंधेरे में पार होने वाली परछाइयाँ उजाले में लौटने लगें, तो यह सिर्फ़ पलायन नहीं—एक ऐतिहासिक दरार का उद्घोष है। हाक... अनवर हुसैन 01 Dec 2025
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 271 पूर्वी मोर्चा, गहराता भू-संकट पूर्वी मोर्चा एक बार फिर उबलने लगा है। ढाका की गलियों से उठता कट्टरपंथ, पाकिस्तान–तुर्की–चीन की छाया और सिलीगुड़ी पर बढ़ती भू-रणनीतिक नजरें—ये सब मिलक... संदीप कुमार 01 Dec 2025
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 483 ट्रंप का H-1B दांवः संरक्षणवाद या अमेरिका का आत्मघाती गोल? एच-1बी वीज़ा को सिलिकॉन वैली के अदृश्य आधार स्तंभ की तरह देखें – वह बुनियाद जिसने न केवल अमेरिका के तकनीकी उद्योग को मज़बूत और तेज़ बनाने में मदद की, ... संतु दास 30 Sep 2025
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 278 द्वी-राष्ट्र समाधानः‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ का क्षण मध्य-पूर्व का इज़रायल-फिलिस्तीन संघर्ष केवल एक क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि दशकों से अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति, मानवाधिकार और वैश्विक भू-राजनीति की एक जटि... संदीप कुमार 30 Sep 2025
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 217 प्रेत युद्धः अमेरिका का भ्रम अमेरिका ने चीन को हमेशा एक अस्तित्वगत खतरे के रूप में पेश किया है—एक उभरती शक्ति जो विश्व व्यवस्था को चुनौती देने को तैयार है। लेकिन हकीकत में चीन केव... जलज श्रीवास्तव 30 Sep 2025
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 247 RIC: अग्निपथ ! अग्निपथ ! अग्निपथ ! (आवरण कथा) शीत युद्ध की राख से उठी एकध्रुवीय दुनिया अब अपने ही बोझ तले चरमराने लगी है। पश्चिमी वर्चस्व की दीवारों में दरारें गहरी होती जा रही हैं और उसी दरकन में... श्रीराजेश 02 Sep 2025
राजनीति / अंतरराष्ट्रीय 239 ब्रोमांस की राख पर नया ग्लोबल भूचाल (आवरण कथा) 'हाउडी मोदी' से गूंजते स्टेडियम और 'नमस्ते ट्रंप' की चमकते लम्हें अब इतिहास बन चुके हैं। दोस्ती की वह गर्मजोशी राख में बदल चुकी है—और उसी राख से उठा ह... सचिदानंद 02 Sep 2025