मुलायम सिंह यादव एक बार फिर बेटे अखिलेश यादव की जगह भाई शिवपाल यादव को तरजीह देते हुए दिख रहे हैं. इसी कड़ी में उन्हों ने घोषणा करते हुए कहा है कि अगले सोमवार को वह इटावा की जसवंतनगर सीट से प्रचार कर चुनावी अभियान का आगाज करेंगे. दरअसल इसी सीट से शिवपाल यादव पार्टी के प्रत्या शी हैं और परंपरागत रूप से यहीं से चुनाव लड़ते रहे हैं. प्राप्त समाचार के मुताबिक 'इसके बाद' ही वह बेटे अखिलेश के लिए चुनाव प्रचार के लिए निकलेंगे. उल्ले्खनीय है कि सपा के साथ कांग्रेस का गठबंधन होने के बाद मुलायम सिंह ने हाल में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि वह अबकी बार चुनाव प्रचार नहीं करेंगे. हालांकि बाद में उन्होंजने अपने रुख में नरमी बरतते हुए कहा था कि बेटे को आर्शीवाद देंगे.
मुलायम की यह घोषणा इसलिए भी अहम है क्यों कि सपा में पिछले दिनों पारिवारिक घमासान के बाद हाशिए पर पहुंचे शिवपाल यादव ने मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा था कि वह चुनाव खत्मब होने पर 11 मार्च के बाद अपनी नई पार्टी का गठन करेंगे. यह भी कहा जा रहा है कि यादव परिवार का गढ़ माने जाने वाले इटावा में सपा के खिलाफ खड़े अपने निर्दलीय समर्थक प्रत्या शियों का उन्हों ने खुलेआम समर्थन भी किया है.
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनावों में मुलायम सिंह ने तकरीबन 50 चुनावी रैलियां कर अपने बेटे अखिलेश के लिए जनता से आर्शीवाद मांगा था. इस बार पहले की तरह बात तो नहीं है लेकिन अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा पिता का आज्ञाकारी पुत्र बताते हुए वोटरों से कहा कि उन्हों ने पार्टी के भीतर जो संघर्ष किया है, वह वास्ततव में पिता मुलायम सिंह और पार्टी के हितों को सुरक्षित करने के लिए ही किया है. उन्होंञने कहा, ''यह पार्टी नेताजी(मुलायम सिंह) की है. जब मैं छोटा था तो मुझे सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए कभी-कभी नेताजी सख्त' रुख अपनाते थे. छड़ी से पिटाई भी कर देते थे. क्याक आप समझते हैं कि वह संबंध कभी खत्मत हो सकता है. मैंने जो भी किया है वो नेताजी के सम्माेन की रक्षा के लिए किया है.''