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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव: ईरान और ओमान ने तय किए नए समुद्री एंट्री-एग्जिट रूट्स

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन समुद्री मार्गों में से एक 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में बढ़ते सैन्य तनाव और नौसैनिक दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए ईरान और ओमान ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है।

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
19 Sep 2026
Solar farm during sunset

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन समुद्री मार्गों में से एक 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में बढ़ते सैन्य तनाव और नौसैनिक दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए ईरान और ओमान ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। दोनों देशों ने तटीय सुरक्षा और वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए समुद्री मार्ग के नए प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) रूट्स पर आधिकारिक सहमति व्यक्त की है। इस नए समझौते का उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों की सुचारू आवाजाही बनाए रखना है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दुनिया के कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हाल के महीनों में अमेरिका, ईरान और पश्चिमी देशों के नौसैनिक जहाजों की बढ़ती मौजूदगी के कारण इस जलडमरूमध्य में जहाजों के आपस में टकराने या जब्त होने की घटनाएं बढ़ गई थीं। नए दिशा-निर्देशों के तहत, वाणिज्यिक पोतों के लिए अलग-अलग लेन तय की गई हैं ताकि सैन्य गतिविधियों और नागरिक जहाजों के मार्गों में कोई भ्रम या टकराव न हो।

ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र और ईरानी नौसेना के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद इस संयुक्त समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने कहा है कि वे नए नेविगेशन चार्ट्स को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के पास जमा करेंगे ताकि दुनिया भर के शिपिंग ऑपरेटर्स इन नए दिशानिर्देशों का पालन कर सकें। नए रूट्स लागू होने से लाल सागर और फारस की खाड़ी के बीच वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा में काफी सुधार आने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और तेल निर्यातकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस जलमार्ग में किसी भी प्रकार की रुकावट या दुर्घटना से वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की दरें बेकाबू हो सकती हैं। नए और स्पष्ट समुद्री कॉरिडोर बनने से जहाजों के बीमा प्रीमियम (Insurance Premium) में आ रही बढ़ोतरी पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।

हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नए रूट्स तय होने के बावजूद खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका-ईरान के बीच बना रणनीतिक तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा केवल प्रशासनिक समझौतों पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी पक्षों द्वारा सैन्य संयम बरता जाना अत्यंत आवश्यक है। फिलहाल, दोनों देश नए ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संयुक्त निगरानी गश्त शुरू करने जा रहे हैं।